Category: स्मृति शेष In Remembrance

  • स्मृति शेष: स्वतंत्रता सेनानी बाबा आर. एन. गौड़

    स्मृति शेष: स्वतंत्रता सेनानी बाबा आर. एन. गौड़

    राजस्थान में गरीबों, श्रमिकों और कच्ची बस्तियों के अधिकारों की लड़ाई की बात हो तो बाबा आर. एन. गौड़ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वे केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि उन लोगों की आवाज थे जिन्हें शहरों के विकास में अक्सर पीछे छोड़ दिया जाता है।

    स्वतंत्रता सेनानी बाबा आर. एन. गौड़ ने गोवा मुक्ति आंदोलन में सक्रिय भाग लिया था। उस समय वे अपनी पत्नी स्वतंत्रता सेनानी सरिता देवी गौड़ और छोटे बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुए थे। परिवार सहित राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेना उनके साहस और विचारधारा को दर्शाता है।

    गोवा मुक्ति आंदोलन से जयपुर की कच्ची बस्तियों तक संघर्ष की लंबी यात्रा

    आंदोलन के बाद बाबा आर. एन. गौड़ और सरिता देवी गौड़ ने भरतपुर में शिक्षा क्षेत्र में सेवा दी। दोनों ने शिक्षक और प्राचार्य के रूप में कार्य किया। बाद में 1970 के दशक में वे जयपुर आकर बस गए, जहां उन्होंने अपना जीवन झुग्गी और कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया।

    जयपुर की कई प्रसिद्ध और आज की मुख्य कॉलोनियां कभी कच्ची बस्तियों के रूप में जानी जाती थीं। जयपुर वासियों के अनुसार बाबा आर. एन. गौड़ ने हजारों गरीब परिवारों को संगठित कर उन्हें बसाने और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

    उनके कार्यकाल में जिन प्रमुख बस्तियों का नाम जुड़ता है उनमें कठपुतली नगर कच्ची बस्ती, भोजपुरा कच्ची बस्ती, भट्टा बस्ती, झालाना नगर कच्ची बस्ती और शास्त्री नगर कच्ची बस्ती शामिल हैं। इनमें से कठपुतली नगर और भोजपुरा कच्ची बस्ती को शुरू से बसाने और वहां हजारों लोगों को संगठित करने में उनकी ही भूमिका मानी जाती है।

    उस दौर में शहर के गरीब मजदूर, सफाईकर्मी, रेहड़ी-पटरी चलाने वाले और दिहाड़ी मजदूर रहने के लिए जगह तलाश रहे थे। बाबा आर. एन. गौड़ ने इन लोगों को संगठित किया और उन्हें बसाने के साथ-साथ पानी, बिजली, सड़क, स्कूल और नियमितीकरण जैसे मुद्दों के लिए लगातार संघर्ष किया।

    समय के साथ जयपुर की कई कच्ची बस्तियां पक्की कॉलोनियों में बदल गईं। कई क्षेत्रों में लोगों को मकानों के पट्टे मिले और मूलभूत सुविधाएं विकसित हुईं। लेकिन कठपुतली नगर कच्ची बस्ती आज भी पूरी तरह नियमितीकरण और पट्टों की प्रतीक्षा में संघर्ष कर रही है।

    बताया जाता है कि बाबा आर. एन. गौड़ ने अपने जीवन के अंतिम समय तक गरीबों के अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रखा। उन्होंने मृत्युके दिन तक गरीबों के मकानों को तोडा न जाये इसके लिए लंबा आमरण अनशन भी किया। उनके निधन के समय हजारों नहीं बल्कि लाखों लोग उनकी अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। यह उस जनसमर्थन का प्रतीक था जो उन्होंने दशकों की सामाजिक सेवा और संघर्ष से अर्जित किया था।

    आज भी जयपुर की कई पुरानी बस्तियों में स्वतंत्रता बाबा आर. एन. गौड़ को ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने गरीबों को केवल बसाया ही नहीं, बल्कि उन्हें शहर में सम्मान और पहचान दिलाने की लड़ाई भी लड़ी।

  • शोक समाचार: श्री जवाहर लाल तिवारी नहीं रहे

    शोक समाचार: श्री जवाहर लाल तिवारी नहीं रहे

    राजस्थान ब्राह्मण महासभा के सच्चे सिपाही, कांग्रेस के मन, वचन, कर्म से समर्थक, पूर्व मंत्री स्व. भैरूलाल भारद्वाज जी के दामाद और मेरे निकट सहयोगी, शुभचिंतक और छोटे भाई के जैसे श्री जवाहर लाल तिवारी का आज सुबह दुखद निधन हो गया। उनका कई माह से दिल्ली में इलाज चल रहा था, वे स्वस्थ्य हो गए थे और अपने गांव शाहपुरा आ गए थे। मुझसे बात की थी लेकिन पुनः तबियत बिगड़ने पर फिर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां उन्होंने आज प्रातः अंतिम सांस ली।

    अभी तिवारी जी की आयु जाने लायक नहीं थी। और उनकी इच्छा थी कि त्रिवेणी महाराज के यहां महिला प्रकोष्ठ का एकबार प्रांतीय सम्मेलन अवश्य करवाया जाए। लेकिन वे चले गए। प्रभु इच्छा।।ईश्वर इस पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। शत शत नमन।

    अरुणा गौड, प्रदेश महिला अध्यक्ष, राजस्थान ब्राह्मण महासभा।

  • पूर्व राज्यपाल और राजस्थान की पूर्व डिप्टी सीएम वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. कमला बेनीवाल का निधन

    पूर्व राज्यपाल और राजस्थान की पूर्व डिप्टी सीएम वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. कमला बेनीवाल का निधन

    पूर्व राज्यपाल और राजस्थान की पूर्व डिप्टी सीएम रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. कमला बेनीवाल (97) का निधन हो गया है। बुधवार दोपहर बाद उन्होंने जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। जवाहर सर्किल के पास आवास पर आज खाना खाने के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनका देहांत हो गया। अंतिम संस्कार कल जयपुर में होगा।

    डॉ. कमला बेनीवाल ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने राजस्थान की कृषि मंत्री रहते हुए राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने राज्य के जल संसाधन मंत्री के रूप में लगभग 48,000 जल संग्रहण परियोजनाओं का निर्माण करवाया, जिससे राज्य के किसानों को सूखे से राहत मिली।

    डॉ. बेनीवाल ने गुजरात की राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया और अपने कार्यकाल के दौरान गुजरात लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर काफी चर्चा में रहीं। उनके द्वारा बिना राज्य सरकार की सहमति के लोकायुक्त नियुक्त करने पर विवाद हुआ, जिसे बाद में गुजरात उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने सही ठहराया।उनकी राजनीतिक यात्रा में वे त्रिपुरा और मिजोरम की राज्यपाल भी रहीं।

  • स्मृति शेष: संध्या राव

    स्मृति शेष: संध्या राव

    शोक संदेश: एआईबीएफ के कोषाध्यक्ष श्री कोंडापल्ली केशव राव की पत्नी श्रीमती संध्या अब नहीं रहीं। एआईबीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रदीप ज्योति ने उनके दुखद निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को बर्दाश्त करने की शक्ति और साहस प्रदान करें।