Category: राजनीती Politics

  • कमला हैरिस के लिए द्विदलीय समर्थन: बराक ओबामा और लिज़ चेनी एक साथ प्रचार अभियान में

    कमला हैरिस के लिए द्विदलीय समर्थन: बराक ओबामा और लिज़ चेनी एक साथ प्रचार अभियान में

    2024 के राष्ट्रपति चुनाव के करीब आते ही, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व रिपब्लिकन प्रतिनिधि लिज़ चेनी ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का समर्थन करने के लिए हाथ मिलाया है। इस अद्वितीय सहयोग का उद्देश्य राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच मतदाताओं को एकजुट करना है।

    ओबामा का प्रचार अभियान10 अक्टूबर 2024 से, ओबामा एक व्यापक प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे, जिसमें पेन्सिलवेनिया, मिशिगन, और विस्कॉन्सिन जैसे प्रमुख राज्यों को लक्षित किया जाएगा। उनका लक्ष्य हैरिस के लिए समर्थन जुटाना और मतदाताओं में उत्साह भरना है। ओबामा का समर्थन खासा महत्व रखता है, क्योंकि वे डेमोक्रेटिक पार्टी में लोकप्रिय और प्रभावशाली हैं। यह सिर्फ पार्टी की बात नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और एकता की रक्षा के लिए एक रणनीतिक कदम है।

    ओबामा का यह समर्थन व्यक्तिगत रूप से भी मायने रखता है, क्योंकि वे हैरिस को लंबे समय से जानते हैं। उनका यह दौरा उनके बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक होगा।चेनी का द्विदलीय एकता का आह्वानलिज़ चेनी, जो डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर आलोचक रही हैं, ने भी सार्वजनिक रूप से हैरिस का समर्थन किया है। हाल ही में, उन्होंने विस्कॉन्सिन में हैरिस के साथ एक रैली में भाग लिया और देश को पार्टी से ऊपर रखने की बात कही। चेनी का समर्थन आज के राजनीतिक माहौल में खासा महत्वपूर्ण है, जहां द्विदलीय सहयोग दुर्लभ है।

    चेनी ने इस मौके पर ट्रंप के खिलाफ कठोर शब्दों का प्रयोग किया, खासकर 6 जनवरी को कैपिटल पर हुए हमले के संदर्भ में। उनका हैरिस का समर्थन करना लोकतांत्रिक सिद्धांतों और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत है।

    एक बढ़ता हुआ आंदोलन: ओबामा और चेनी का सहयोग द्विदलीय सहयोग की एक बढ़ती हुई प्रवृत्ति का हिस्सा है। उनका यह अभियान विभाजनकारी राजनीति का विरोध करते हुए एकता और सद्भाव के प्रति अमेरिका के व्यापक समर्थन को दर्शाता है।निष्कर्षबराक ओबामा और लिज़ चेनी का कमला हैरिस के लिए एक साथ प्रचार करना द्विदलीयता के महत्व को दर्शाता है।

  • जयपुर से सांसद बनीं मंजू शर्मा और चित्तौड़गढ़ से तीसरी बार विजई सी पी जोशी को राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने दी बधाई

    जयपुर से सांसद बनीं मंजू शर्मा और चित्तौड़गढ़ से तीसरी बार विजई सी पी जोशी को राजस्थान ब्राह्मण महासभा ने दी बधाई

    जयपुर, 5 जून 2024: जयपुर से भाजपा की उम्मीदवार मंजू शर्मा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 47 साल बाद जयपुर से किसी महिला सांसद का चुनाव जीतना एक महत्वपूर्ण घटना है। इस मौके पर राजस्थान ब्राह्मण महासभा की प्रदेश महिला अध्यक्ष अरुणा गौड ने मंजू शर्मा को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

    चित्तौड़गढ़ से तीसरी बार सांसद चुने गए ब्राह्मण नेता सी पी जोशी को भी अरुणा गौड ने हार्दिक शुभकामनाएं दी

  • प्रारंभिक विश्लेषण: बीजेपी 250 सीटों का आंकड़ा वहीं कांग्रेस 100 तक पहुंच सकती है।

    प्रारंभिक विश्लेषण: बीजेपी 250 सीटों का आंकड़ा वहीं कांग्रेस 100 तक पहुंच सकती है।

    जैसे-जैसे चुनाव परिणामों का दिन करीब आता जा रहा है, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को देश भर में मिले-जुले परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। 400 सीटें जीतने के अपने महत्वाकांक्षी नारे के बावजूद, बीजेपी के लिए 272 सीटें हासिल करना चुनौतीपूर्ण है, जो कि बहुमत के लिए आवश्यक है।

    • प्रधानमंत्री मोदी से मजबूत व्यक्तित्व इस समय भारतीय राजनीति में किसी का नहीं है।
    • भले ही बीजेपी को बहुमत न मिले, एनडीए के साथ मिलकर तीसरी बार सरकार बनाने की संभावना है।
    • कांग्रेस अपनी सीटें दोगुनी कर सकती है, राजस्थान इसका एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है।
    • प्रज्वल रेवन्ना सेक्स स्कैंडल से जेडीएस को निश्चित गंभीर रूप से नुकसान होगा, लेकिन बीजेपी इससे अछूती रह सकती है।
    • मणिपुर हिंसा ने लंबे समय के लिए बीजेपी के पूर्वोत्तर के सपने को तोड़ दिया है।
    • कांग्रेस को दक्षिण भारत में नई जीवनरेखा मिल सकती है।
    • अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव अब स्थापित नेता है और वे परिवार से जुड़ी अपनी पार्टियों को दूसरी पीढ़ी की राजनीति को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा पाएंगे।

    वर्तमान विश्लेषण के अनुसार, बीजेपी 220 से 250 सीटें जीत सकती है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 35 से 48 सीटें हासिल कर सकता है, जिससे एनडीए सरकार बना सकेगा। 2014 में बीजेपी ने 282 और एनडीए ने 336 सीटें जीती थीं और 2019 में बीजेपी ने अकेले 303 सीटें जीती थीं और एनडीए ने 353 सीटें जीती थीं।

    इस संभावित कमी के कई कारण हैं। कर्नाटक में, बीजेपी को 15 सीटों तक का नुकसान होने की उम्मीद है, जो कि एक महत्वपूर्ण राज्य में एक बड़ी हानि है। पूर्वोत्तर क्षेत्र, जो पार्टी के लिए एक मजबूत बेस हो सकता था, मणिपुर में अस्थिरता के कारण निराश कर सकता है। इस अस्थिरता ने उस समर्थन को कम कर दिया है, जो अन्यथा इस क्षेत्र में एक भाजपा का एक नया गढ़ बन सकता था।

    प्रधानमंत्री मोदी ने बीते 20 दिनों में 22 से भी ज्यादा मीडिया आउटलेट्स को इंटरव्यू दिए है।

    हरियाणा एक और चुनौती पेश करता है, जहां किसान विरोध के परिणाम स्वरूप उत्पन्न हुई एंटी-इनकंबेंसी लहर बीजेपी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। पर यहां चौंकाने वाले परिणाम भी संभव है, जनता एग्जिट पोल से पहले भी अलग गई है। पंजाब विशेष रूप से कठिन चुनाव क्षेत्र होने की उम्मीद है, जहां बीजेपी को लगभग पूरी तरह से हार का सामना करना पड़ सकता है।

    हालांकि, बीजेपी के लिए सभी खबरें खराब नहीं हैं। पार्टी को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे दक्षिणी राज्यों में बढ़त हासिल होने की उम्मीद है, जहां बीजेपी ऐतिहासिक रूप से कमजोर रही है। ओडिशा भी पार्टी के लिए एक संभावित लाभ वाला राज्य प्रतीत हो रहा है।

    अन्य पार्टियां बीजेपी की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं। राजस्थान में, कांग्रेस 10 सीटें जीत सकती है, जबकि उत्तर प्रदेश में, अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी 10 से अधिक सीटें हासिल कर सकती है, जबकि मायावती की संभावनाएं धुंधली लग रही हैं। बिहार में, तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 11 से अधिक सीटें जीत सकती है, जिससे राज्य में पार्टी की पकड़ मजबूत हो जाएगी। 2014 में, कांग्रेस ने केवल 44 सीटें और उसके गठबंधन ने 59 सीटें जीती थीं, 2019 में कांग्रेस ने 52 सीटें और उसके गठबंधन ने 91 सीटें जीती थीं।

    प्रियंका गांधी की सभाओं में भीड़ देखने को मिली है।

    पश्चिम बंगाल आश्चर्यजनक नतीजे दे सकता है, लेकिन बीजेपी के संभावित आश्चर्यों के बावजूद अपनी बुनियाद बनाए रखने की संभावना है। इस बीच, पंजाब में आप, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा होने की उम्मीद है, जिससे बीजेपी के लिए संभावनाएं बहुत कम बचती है।हालांकि बीजेपी अपने 400 सीटों के लक्ष्य से चूक सकती है, लेकिन उसके सरकार से बाहर हो जाने की बेहद कम संभावनाएं है, उसका राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण प्रभाव बना हुआ है। भाजपा का प्रदर्शन कई महत्वपूर्ण राज्यों जैसे कर्नाटक और पूर्वोत्तर में हानियों को कम करने और दक्षिण और ओडिशा में संभावित लाभों को भुनाने पर निर्भर करेगा।

    इस बीच, क्या विपक्ष बीजेपी की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं? कांग्रेस और इंडिया गठबंधन कितनी मजबूती से चुनाव लड़ पाया है, किन शर्तो पे साथ रह सकेगा और क्या वक्त पड़ने पर और दलों को अपने साथ जोड़ पाएगा ये देखने वाला होगा। पुराने घट जोड़ की सरकारों का क्या हुआ था ये देश जनता है।

    हाल के विश्लेषण में बीजेपी के सहयोगियों के साथ एनडीए के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना है। दूसरी ओर, कांग्रेस और उसके सहयोगी 220 सीटों तक पहुंच सकते हैं, लेकिन सत्ता से दूर रहेंगे। अंतिम परिणाम अभी भी उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे प्रमुख राज्यों में मतदाता के वोट द्वारा प्रभावित हो सकते हैं, जो 50 सीटों तक के बदलाव ला सकते है और दिग्गजों के राजनीतिक करियर को बना या बिगाड़ सकते हैं।

  • राजस्थान कांग्रेस में PCC चीफ के लिए लॉबिंग शुरू, क्या गोविंद सिंह डोटासरा को मिलेगा एक्सटेंशन?

    राजस्थान कांग्रेस में PCC चीफ के लिए लॉबिंग शुरू, क्या गोविंद सिंह डोटासरा को मिलेगा एक्सटेंशन?

    भले ही राजस्थान भाजपा की सियासत में लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बड़े बदलाव की बात कही जा रही हो, लेकिन राजस्थान कांग्रेस में संगठन के स्तर पर बदलाव की क़वायद अभी से शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि पीसीसी चीफ के पद के लिए कांग्रेस के अलग-अलग ख़ेमों ने क़वायद शुरू कर दी है। इसमें अशोक गहलोत और सचिन पायलट की भी एंट्री होते देखी जा रही है।

    हालांकि सब कुछ लोकसभा चुनाव के परिणामों पर निर्भर करेगा, क्योंकि अगर राजस्थान में कांग्रेस लोकसभा चुनाव के रिजल्ट में उम्मीद के मुताबिक़ प्रदर्शन करती है, तो हो सकता है गोविंद सिंह डोटासरा को एक्सटेंशन मिल जाए।

    क्या डोटासरा को मिलेगा एक्सटेंशन?

    डोटासरा को जुलाई 2020 में सियासी संकट के समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें इस पद पर क़रीब चार साल का समय हो गया है। विधानसभा चुनाव के बाद से उनके बदले जाने को लेकर चर्चाएं थीं, लेकिन लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र उन्हें कंटिन्यू किया गया। अब उन्हें आगे समय मिलेगा या नहीं, यह सब कुछ आलाकमान पर निर्भर करता है।

    अशोक गहलोत के नाम पर चर्चा

    सूत्रों के अनुसार, इस बार पीसीसी चीफ के पद के लिए अशोक गहलोत के नाम की भी चर्चा है। कहा जा रहा है कि अगर केंद्र में मोदी तीसरी बार पीएम बनते हैं, तो अशोक गहलोत राजस्थान की सियासत में ही बने रहना चाहेंगे और राजस्थान में संगठन पर पकड़ बनी रहे इसके लिए उनके ख़ेमे की ओर से पीसीसी चीफ के पद को लेकर लॉबिंग की जा रही है। गहलोत मुख्यमंत्री बनने से पहले पीसीसी चीफ पद पर रह चुके हैं। लेकिन इस बार इस पद के लिए उनका नाम चर्चाओं में होना सबके लिए चौंकाने वाला है। अगर अशोक गहलोत ख़ुद नहीं बने, तो अपने खेमे के किसी युवा नेता को यह ज़िम्मेदारी दिला सकते हैं ताकि राजस्थान में कांग्रेस की सियासत पर उनकी पकड़ मज़बूत बनी रहे।

    सचिन पायलट की दिलचस्पी पर आलाकमान का फैसला

    इसमें कोई दो राय नहीं है कि राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए सबसे बड़ा नाम सचिन पायलट का है। सचिन पायलट पहले भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं और 2018 में कांग्रेस सत्ता में भी आई थी। इस बार भी विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद उन्हें फिर से अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा थी। कहा गया था कि सचिन पायलट की ओर से दिलचस्पी नहीं दिखाने पर ही डोटासरा को कंटिन्यू करने का निर्णय लिया गया था। लोकसभा चुनाव में राजस्थान कांग्रेस के नेताओं में सचिन पायलट ने सबसे अधिक राज्यों में चुनाव प्रचार किया है, ऐसे में अगर पायलट चाहेंगे, तो कांग्रेस उन्हें राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का ज़िम्मा दे सकती है।

    इनके नामों पर भी हो रही है चर्चा

    इन तीन नामों के अलावा चर्चा इस बात की भी है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए आलाकमान जातिगत समीकरण भी साधना चाहेगा। दलित नेता के रूप में टीका राम जूली को नेता प्रतिपक्ष की ज़िम्मेदारी दी गई है। ऐसे में ओबीसी या किसी जनरल कास्ट के नेता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इन नेताओं में हरीश चौधरी, रघु शर्मा, मुरारीलाल मीणा, अशोक चांदना जैसे नाम भी शामिल हैं। हालाँकि यह तय है कि राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नाम तय करने के दौरान कांग्रेस के सभी खेमों की सहमति बनाने की कोशिश भी की जाएगी ताकि अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिहाज़ से राजस्थान में मज़बूत संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जा सके।

  • राजपूत मतदाताओं की नाराजगी दूर करने में जुटे मानवेंद्र सिंह जसोल, बोले- ‘हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं’

    राजपूत मतदाताओं की नाराजगी दूर करने में जुटे मानवेंद्र सिंह जसोल, बोले- ‘हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं’

    राजस्थान की बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह जसोल लगातार राजपूत मतदाताओं की नाराजगी दूर करने में जुटे हुए हैं। हाल ही में गुजरात के भाजपा नेता रूपाला के राजपूतों पर दिए गए बयान के बाद से राजपूत समाज में आक्रोश है।

    मानवेंद्र सिंह जसोल ने कहा कि राजपूत मतदाताओं में आक्रोश केवल किसी एक बयान से नहीं आया है, बल्कि कई वर्षों से कुछ ना कुछ होता रहता है जिसकी वजह से आक्रोश बढ़ता रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी राजपूत मतदाताओं की नाराजगी दूर करने के लिए बैठक ली थी और उन्हें भी फील्ड में भेजा गया है।

    मानवेंद्र सिंह जसोल ने कहा कि उनका प्रयास है कि राजपूत मतदाताओं का आक्रोश वोटिंग पर ना पड़े।.उन्होंने ये भी कहा की वो उम्मीद करते है की राहुल गांधी से दोस्ती बरकरार रहेगी। वही जसोल ने रवींद्र सिंह भाटी की रेली में भी नजर आए थे।

  • कोटा बूंदी में बिरला और गुंजल में दिलचस्प मुकाबला, कौन जीतेगा कहना मुश्किल

    कोटा बूंदी में बिरला और गुंजल में दिलचस्प मुकाबला, कौन जीतेगा कहना मुश्किल

    राजस्थान में लोकसभा चुनाव को लेकर केवल सियासत ही नहीं सट्टा बाजार में हलचल मची हुई है। लोकसभा चुनाव को लेकर फलोदी सट्टा बाजार एक्टिव हो गया है। फलोदी सट्टा बाजार में लोकसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवार की जीत और हार पर सट्टा लगाया जाता है। ऐसा देखा गया है कि फलोदी सट्टा बाजार में उम्मीदवारों पर जो सट्टा लगाया जाता है उसमें कई बार उम्मीदवारों के जीत और हार के संकेत मिलते हैं।

    कोटा-बूंदी लोकसभा सीट पर बीजेपी की ओर से ओम बिरला मैदान में हैं। तो वहीं कांग्रेस की ओर से प्रहलाद गुंजल चुनावी मैदान में बिरला को चुनौती दे रहे हैं। चूकी प्रहलाद गुंजल सालों से बीजेपी में थे और चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्हें कोटा सीट से टिकट दिया इसके बाद कोटा सीट पर चुनाव दिलचस्प हो गया है। बताया जा रहा है कि बीजेपी उम्मीदवार ओम बिरला का भाव जहां 70 पैसे हैं तो वहीं प्रहलाद गुंजल का भाव 75 पैसे है। यानी दोनों के बीच का अंतर काफी कम है। यानी फलोदी सट्टा बाजार के हिसाब से दोनों के बीच कड़ी टक्कर है। वैसे ओम बिरला कुछ अंतर से आगे हैं लेकिन प्रहलाद गुंजल भी पीछे नहीं हैं। यानी यहां से किसकी जीत होगी अभी तय कर पाना मुश्किल है।

    राजनीतिक जानकारों की मानें तो ओम बिरला के सामने सत्ता विरोधी खेमे को रोकने का कोई समाधान नहीं नजर आ रहा है। ओम बिरला पर स्थानीय लोग वादा न पूरा करने का आरोप भी लगा रहे हैं। उन्हें कोटा एयरपोर्ट के मुद्दे पर भी घेरा जा रहा है। जिसके लिए वह काफी समय से वादा कर रहे हैं। हालांकि, ओम बिरला के लिए मजबूत स्थिति इस वजह से माना जा रहा है कि कोटा RSS का गढ़ माना जाता है। वहीं राम मंदिर का मुद्दा और पीएम मोदी का नाम बिरला को मजबूत स्थिति में लाता है और इसका फायदा उन्हें मिल सकता है। प्रहलाद गुंजल के लिए यहां सचिन पायलट फैक्टर भी हैं जो उनके साथ है। सचिन पायलट फैक्टर अगर काम करता है तो प्रहलाद गुंजल को ज्यादा फायदा मिल सकता है।

  • अरुण अग्रवाल देहली लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के कॉर्डिनेटर नियुक्त

    अरुण अग्रवाल देहली लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के कॉर्डिनेटर नियुक्त

    चुनाव के चलते राजनेतिक पार्टियों में सरगर्मियां तेज है। नई नियुक्तियां और प्रोग्राम बनाए जा रहे है ताकि अपने मैनिफेस्टो और पार्टी की योजना ज्यादा से ज्यादा वोटर तक पहुंचाई जा सके।

    कांग्रेस में भी भारी गतिविधियां और तेजी देखी जा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मलिका अर्जुन खड़के के निर्देश पर राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री पवन खेड़ा ने श्रीमाधोपुर से डाक्टर अरुण अग्रवाल को देहली लोकसभा चुनावों के लिए कॉर्डिनेटर नियुक्त किया है।

    डॉक्टर अरुण ने बताया की वो जल्द से जल्द ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को पार्टी की गारंटी और सरकार आने पे जन कल्याणकारी कार्यकर्मों के बारे में सूचित करेंगे ताकि कांग्रेस सत्ता में आए।

  • राजस्थान में आज शाह की सभा, कम वोटिंग कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित होने की  चिंता

    राजस्थान में आज शाह की सभा, कम वोटिंग कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित होने की चिंता

    राजस्थान में पहले चरण की सभी 12 सीटों पर मतदान हो गया है। मतदान 57.87 फीसदी हुआ है। राजस्थान में ये धारणा है कि विधानसभा में वोटिंग प्रतिशत बढ़ता है तो राज्य सरकार को नुकसान हो है और लोकसभा में वोटिंग प्रतिशत बढ़ता है तो भाजपा को फायदा मिलता है। ऐसे में इस बार पहले चरण की सीटों पर कम वोटिंग ने भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    राजनेतिक विश्लेषकों का मानना है की ज्यादा वोटिंग मोदी वेव और स्विंग की होती है जिससे भाजपा को फायदा होता है, वही काम वोट में कांग्रेस के वोट तो तटस्थ रहते है पर भाजपा को मिलने वाले ज्यादा वोट नही मिल पाते। 19 अप्रैल को डले वोट में सुबह तो काफी भीड़ दिखी पर फिर वोटिंग बूथ खाली से हो गए। गर्मी भी एक कारण थी। एक वोट रमेश शर्मा कहते है, “भाजपा वोटर गर्मी से नही आ रहे, सबको लग रहा है मोदी तो आयेंगे ही, मेरा एक वोट से क्या होगा”.

    2009 में कांग्रेस का राजस्थान में वोट शेयर 47.2 और भाजपा का 36.6 फीसदी था। कांग्रेस ने तब यहां 20 सीटें जीती और कांग्रेस ने चार। वही 2014 में मोदी की लहर के कारण प्रदेश में भाजपा का वोट शेयर करीब 20 फीसदी तक बढ़ गया। भाजपा के लिए राजस्थान के 55.6 फीसदी वोटर्स ने मतदान किया। जबकि कांग्रेस का वोट 2009 की तुलना में 17 फीसदी गिरकर 30.7 फीसदी पर आ गया। पूरी 25 सीटें भाजपा की झोली में गईं।

    पिछले 2019 की लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों का वोट शेयर बढ़ा। भाजपा को 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 58.4 फीसदी वोट मिले वहीं कांग्रेस को 4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 34.2 प्रतिशत वोट दिए गए। पर वोट शेयर के बीच बड़ा अंतर होने के कारण भाजपा को दूसरी बार फिर 25 सीटों पर जीत मिली।

    2023 के विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर में एक वोटर आरती ने तब बताया था की “राज्य में कांग्रेस और केंद्र में भाजपा बड़िया है। कांग्रेस से स्कीम का लाभ मिलता है और मोदी से देश सही चलता है।”

    वही इस सबके बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज राजस्थान और उत्तर प्रदेश के चुनावी दौरे पर रहेंगे। वह इन दोनों राज्यों में भाजपा की तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। शाह सबसे पहले राजस्थान पहुंचेंगे और भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में जहाजपुर के शक्करगढ़ में भाजपा की जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह कोटा के सीएडी ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के मथुरा पहुंचेंगे और वृंदावन में शाम चार बजे प्रियाकांत जू मंदिर ग्राउंड में पार्टी की जनसभा को संबोधित करेंगे।

    आखरी चार चुनावों से ऐसा ही देखने को मिल रहा है की वोट प्रतिशत यदि 3 से 6 फीसदी तक बड़ता है तो फायदा भाजपा को मिलता है वहीं अगर वोट प्रतिशत कम होता है तो भाजपा को मिलने वाला नया और स्विंग वोट काम होता है जिससे कांग्रेस की वापसी की संभावना उत्पन होती है।

  • चुनाव 2024: राजस्थान में 19 और 26 अप्रैल को होगा मतदान, जयपुर शहर से प्रताप सिंह खाचरियावास और मंजू शर्मा के बीच मुकाबला

    चुनाव 2024: राजस्थान में 19 और 26 अप्रैल को होगा मतदान, जयपुर शहर से प्रताप सिंह खाचरियावास और मंजू शर्मा के बीच मुकाबला

    राजस्थान में आम चुनाव 2024 के लिए मतदान 19 और 26 अप्रैल को होगा। जयपुर शहर 19 अप्रैल को वोट करेगा। जयपुर शहर से प्रताप सिंह खचरियावास (कांग्रेस) और मंजू शर्मा (भाजपा) से सांसद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। प्रताप सिंह खाचरियावास कांग्रेस के न्याय पत्र, कांग्रेस की गारंटी और श्याम बाबा के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि मंजू शर्मा मोदी के नाम और भाजपा की 10 वर्षीय सरकार के कामों पर चुनाव लड़ रही हैं। मंजू शर्मा का राजनीतिक मुद्दा मोदी की गारंटी और विजन 2047 है।

    मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होगा। पिछले 2019 जयपुर शहर में हुए चुनाव में भाजपा के रामचरण बोहरा ने कांग्रेस से लगभग दोगुने वोट प्राप्त किए और जीत दर्ज की थी। अबकी बार उनकी जगह मंजू शर्मा को टिकट मिला है। उन्होंने कहा भी है की बोहरा का टिकट कटा नही बल्कि बदला है।

    लोगो के बीच ये बात भी चल रही है की जहा पूरे शहर में सिर्फ मोदी के पोस्टर है जिनमे मंजू शर्मा की फोटो भी नही है वही प्रताप सिंह का आखरी के दिन छोड़ कर प्रचार काम दिखा। पोस्टर बैनर भी भाजपा के मुकाबले बेहद कम दिखे।दोनो उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 19 अप्रैल को ईवीएम में कैद हो जाएगा।

  • भाजपा का संकल्प पत्र जारी। सीएम भजनलाल बोले ‘पीएम मोदी केवल वादे नहीं करते’

    भाजपा का संकल्प पत्र जारी। सीएम भजनलाल बोले ‘पीएम मोदी केवल वादे नहीं करते’

    भाजपा ने रविवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जारी घोषणा पत्र  ‘संकल्प पत्र’ का नाम दिया गया है। महिलाओं, गरीबों और युवाओं के उत्थान पर केंद्रित भाजपा के संकल्प पत्र को मोदी की गांरटी करार देते हुए राजस्थान सीएम ने कहा कि घोषणा पत्र में किसान, नौजवान और महिलाओं समेत सभी वर्गों पर फोकस किया गया है,10 वर्षों में किए गए काम को आने वाले 5 साल में आगे बढ़ाया जाएगा।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए लोकसभा चुनाव 2024 के घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का घोषणा पत्र ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी भी है। भाजपा के संकल्प पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी केवल वादे नहीं करते बल्कि उसे निभाते भी है।

  • करोली धौलपुर बनी हॉट सीट, अशोक गहलोत की सभा में विधायक का आना जरूरी

    करोली धौलपुर बनी हॉट सीट, अशोक गहलोत की सभा में विधायक का आना जरूरी

    धौलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चुनावी सभा का आयोजन आज शनिवार को करौली धौलपुर संसदीय क्षेत्र के बसई विभाग कस्बे में किया जाएगा। चुनावी सभा की तैयारियों के साथ सभा में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने के लिए कार्यकर्ता इलाके में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। अशोक गहलोत द्वारा कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी भजनलाल जाटव के समर्थन में इस सभा का आयोजन किया गया है।

    पर ये सीट हॉट सीट बनती नजर आ रही है। सभा से पहले आशंका जताई जा रही की लोकल विधायक शोभारानी कुशवाह मुख्यमंत्री की सभा में शामिल नहीं हुई तो करौली-धौलपुर संसदीय सीट पर कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    भीड़ और समर्थन के लिए कांग्रेस पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया जा रहा है। धौलपुर से कांग्रेसी विधायक शोभारानी कुशवाहा के विधायक प्रतिनिधि और देवर उपेंद्र कुशवाहा के साथ चाचा ससुर कन्हैया लाल कुशवाहा ने हाल ही में भाजपा का ज्वाइन की है। अब विधायक का झुकाव किधर रहता है ये अहम होगा।

  • CAA के बाद क्या है समान नागरिक कानून?

    CAA के बाद क्या है समान नागरिक कानून?

    भारत एक विभिन्नताओं वाला देश है। अनेकता में एकता ही इसकी पहचान है। यहां शादी, तलाक़, उत्तराधिकार और गोद लेने के मामलों में विभिन्न समुदायों में उनके धर्म, आस्था और विश्वास के आधार पर अलग-अलग क़ानून हैं। हालांकि, देश की आज़ादी के बाद से समान नागरिक संहिता या यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) की मांग चलती रही है। इसके तहत इकलौता क़ानून होगा जिसमें किसी धर्म, लिंग और लैंगिक झुकाव की परवाह नहीं की जाएगी। यहां तक कि संविधान कहता है कि राष्ट्र को अपने नागरिकों को ऐसे क़ानून मुहैया कराने के ‘प्रयास’ करने चाहिए।

    लेकिन एक समान क़ानून की आलोचना देश का हिंदू बहुसंख्यक और मुस्लिम अल्पसंख्यक दोनों समाज करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के शब्दों में कहें तो यह एक ‘डेड लेटर’ है। बीजेपी शासित उत्तराखंड की विधानसभा ने राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए लाए गए विधेयक को पारित कर दिया है। राज्यपाल और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश और राजस्थान UCC पर चर्चा कर रहे हैं।

    अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करना, कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करना और UCC को लागू करना बीजेपी के चुनावी वादों में से एक रहे हैं। अयोध्या में मंदिर का वादा पूरा हुआ है और हाल में प्रधानमंत्री जी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा की जा चुकी है। कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर दी गई है और CAA लागू हो गया है तो अब चर्चा UCC पर है। हिंदूवादी संगठन समान नागरिक संहिता की मांग मुस्लिम पर्सनल लॉ के कथित ‘पिछड़े’ क़ानूनों का हवाला देकर उठाते रहे हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत तीन तलाक़ वैध था जिसके तहत मुसलमान तुरंत तलाक़ दे सकते थे लेकिन मोदी सरकार ने साल 2019 में इसे आपराधिक बना दिया।

    बीजेपी का चुनावी घोषणा पत्र कहता है कि ‘जब तक भारत समान नागरिक संहिता नहीं अपना लेता है तब तक लैंगिक समानता नहीं हो सकती है।’ भारत में 90% जोड़े शादी के बाद पति के परिवार के साथ रहते हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘असलियत बहुत ज़्यादा जटिल है.’ दूसरे शब्दों में कहें तो UCC बनाने के विचार ने उस पिटारे को खोल दिया है जिसके देश के हिंदू बहुमत के लिए भी अनपेक्षित नतीजे होंगे जिसका प्रतिनिधित्व करने का दावा बीजेपी करती है। “UCC मुसलमानों के साथ-साथ हिंदुओं की सामाजिक ज़िंदगी को प्रभावित करेगी.”

  • राजस्थान की 15 लोकसभा सीटों से भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा

    राजस्थान की 15 लोकसभा सीटों से भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा

    राजस्थान की 15 लोकसभा सीटों से भाजपा ने उम्मीदवार की घोषणा की है। निम्न जनप्रतिनिधियों को टिकट मिला है। 10 सीटो पे घोषणा जल्द संभव है।

    बीकानेर- अर्जुन राम मेघवाल

    चुरू- देवेंद्र झाझंडिया

    सीकर- स्वामी सुमेधानंद सरस्वती

    अलवर- भूपेंद्र यादव

    भरतपुर- रामस्वरुप कोली

    नागौर- ज्योति मिर्धा

    पाली- पीपी चौधरी

    जोधपुर- गजेंद्र सिंह शेखावत

    बाड़मेर- कैलाश चौधरी

    जालौर- लुंबाराम चौधरी

    उदयपुर- मन्नालाल रावत

    बांसवाड़ा- महेंद्रजीत सिंह मालवीय

    चित्तौड़गढ़- सीपी जोशी

    कोटा- ओम बिरला

    झालावाड़-बारां- दुष्यंत सिंह

  • संदेशखाली में महिलाओं के साथ हो रहे यौन शोषण और जघन्य अपराधों के खिलाफ जयपुर शहर भाजपा कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन

    संदेशखाली में महिलाओं के साथ हो रहे यौन शोषण और जघन्य अपराधों के खिलाफ जयपुर शहर भाजपा कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन

    पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के साथ हो रहे यौन शोषण और जघन्य अपराधों के खिलाफ आज जयपुर शहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर गांधी सर्किल जेएलएन मार्ग पर धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें जयपुर शहर सांसद श्री रामचरण जी बोहरा, विधायक श्री गोपाल जी शर्मा, विधायक श्री बाल मुकुंद आचार्य जी महाराज, जिला अध्यक्ष श्री राघव जी शर्मा, ग्रेटर नगर निगम उप महापौर श्री पुनीत जी कर्णावत सहित पूर्व विधायक, विधायक प्रत्याशी, जनप्रतिनिधि,संगठन पदाधिकारी,कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

  • अमित शाह ने जयपुर में प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित किया, विपक्ष पर साधा निशाना

    अमित शाह ने जयपुर में प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित किया, विपक्ष पर साधा निशाना

    गृह मंत्री अमित शाह ने जयपुर में प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और भारत की परंपराओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा कि भारत भले ही 1947 में आजाद हुआ हो, लेकिन उसमें प्राण अब जाकर मोदीजी ने फूंके हैं।उन्होंने तंज में कांग्रेस की तारीफ करते हुए कहा कि अटलजी के नेतृत्व में भारत 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया था। दस साल मनमोहन सिंह की सरकार रही। इन्होंने एक काम अच्छा किया कि भारत को 11वें से 12वें नंबर पर जाने नहीं दिया। 10 साल भारत का स्थान फ्रीज रहा, मोदी ने 10 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था को तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया।

    उन्होंने कहा कि भाजपा अपने वादों को पूरा कर रही है। नीति-सिद्धांत के साथ काम कर रही है। घमंडिया गठबंधन के पास कोई सिद्धांत नहीं है। उनके पास कोई नेता नहीं है। कोई नेता बनने को भी तैयार नहीं है, क्योंकि जनता ने तय कर रखा है कि भाजपा को इस बार 400 सीट देनी है।

    एयरपोर्ट पर भरी संख्या में कार्यकर्ता स्वागत के लिए आए

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस देश का विभाजन करने पर तुली है। उनके नेता यह मांग करते हैं कि उत्तर भारत और दक्षिण भारत को बांटना चाहिए। ये हम नही होने देंगे।

    शाह ने राजस्थान में अनेक जगह रैली और जन संवाद किया और कार्यकर्ताओं, पधाधिकारियो और प्रबुद्धजनो से मिले।अर्थव्यस्था पे फिर जोर देते हुए बोले कि मोदी ने दस साल में हमारी अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर से पांचवे नंबर पर खड़ा कर दिया। एक बार और मौका मिलेगा तो अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर आ जाएगी। इस दौरान कार्यकर्ता अबकी बार चारसो पार के नारे लगाते रहे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया, विपक्ष को दिया करारा जवाब

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया, विपक्ष को दिया करारा जवाब

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी के भाषण में देश के सामने मौजूद हकीकतों को समेटा गया है और देश किस गति से प्रगति कर रहा है, इसका लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी ने भारत के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए चार मजबूत स्तंभों पर हमारा ध्यान केंद्रित किया है – नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब भाई-बहन और किसान, मछुआरे, पशुपालक।

    उन्होंने विपक्ष को भी करारा जवाब दिया। कहा कि कांग्रेस को एक अच्छा विपक्ष बनने का बहुत बड़ा अवसर मिला, लेकिन 10 साल में वे उस दायित्व को निभाने में विफल रहे। सिर्फ परिवारवाद में पड़े रहे। एक ही व्यक्ति को लॉन्च करने में लगे रहें। इसी लिए हम 370 और एनडीए 400 पार सीट लेकर तीसरे टर्म में वापसी कर रहा है। ऐसे ही चलता रहा तो जल्द ही आप दर्शक दीर्घा में बैठेंगे।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में एक कैंसिल कल्चर डेवलप हुआ है, अगर हम कहते हैं कि मेक इन इंडिया तो कांग्रेस कहती है कैंसिल, हम कहते हैं– आत्मनिर्भर भारत कांग्रेस कहती है कैंसिल, हम कहते हैं वोकल फॉर लोकल, कांग्रेस कहती है कैंसिल।

  • 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा- गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल

    100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा- गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भजनलाल

    21 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेवाभाव एवं संवेदनशीलता के साथ चिकित्सालयों में मरीजों का उपचार करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ करने की दृष्टि से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मंदिर जन स्वास्थ्य की मुख्य धुरी के रूप में कार्य करेंगे। इसमें योगा और वेलनेस गतिविधियां भी संचालित की जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों का अच्छा स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण उपचार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सक अस्पतालों में समय पर पहुंचे और रोगियों एवं उनके परिवारजनों के साथ अच्छा व्यवहार रखे। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यों में अनावश्यक देरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के लिए निःशुल्क दवा और जांच सुविधाएं उपलब्ध है, लेकिन हमारा प्रयास है कि लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो। उन्होंने स्वच्छता पर विशेष जोर देकर कहा कि खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाए तथा मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। खाद्य सामग्री विक्रेताओं को कानूनों की जानकारी दी जानी चाहिए। श्री शर्मा ने सवाई मानसिंह अस्पताल में भी पीएम जन औषधि केन्द्र खोलने और आयुष्मान आरोग्य केंद्रों के निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए।

    वृद्ध रोगियों के लिए अलग व्यवस्था के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में चिकित्सा क्षेत्र में अच्छे कार्य हुए हैं, उनका अध्ययन कर यहां भी लागू करने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में पुरूष और महिला वार्डों की तरह वृद्धजन रोगियों के लिए अलग सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों की संख्या बढ़ाने के लिए सामाजिक संस्थानों और जनप्रतिनिधियों आदि का सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत स्वास्थ्य शिविरों में अधिकाधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहे। श्री शर्मा ने पीएम जनऔषधि केन्द्रों की संख्या बढ़ाकर प्रचार-प्रसार करने, चिकित्सालयों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता की नियमित जांच करने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और हर दिन अलग-अलग रंग की बैडशीट बिछाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने जांच व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जांच मशीनों का समय-समय पर मेंटिनेंस कराने के निर्देश दिए।

    खुलेंगे नशा मुक्ति परामर्श केन्द्र, नशे की दवाइयां बेची तो लाइसेंस होगा रद्द

    श्री शर्मा ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को उन जिलों में नशा मुक्ति परामर्श केंद्र खोलने के निर्देश दिए, जहां ऐसे मामले अधिक सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए चिकित्सा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन विषय विशेषज्ञों के जरिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराए। साथ ही, उन्होंने नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा ऐसे विक्रेताओं के लाइसेंस रद््द करने के निर्देश दिए। उन्होंने मनोरोगियों के उपचार के लिए विशेषज्ञों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ने के लिए कहा। जिला कलक्टर, एडीएम, एसडीएम करेंगे चिकित्सालयों की जांचश्री शर्मा ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि जिला कलक्टर के जरिए जिला चिकित्सालयों का सप्ताह में एक बार निरीक्षण कराना सुनिश्चित करे। साथ ही, एडीएम, एसडीएम, सीएमएचओ, पीएमओ भी चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट विभाग को प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय टीम गठित कर प्रदेश में औचक निरीक्षण कराएं। इसके लिए विभाग एक चैकलिस्ट भी तैयार करे।

    चिकित्सा शिक्षकों की होगी शीघ्र नियुक्ति

    श्री शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के लिए चिकित्सा शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति शीघ्र की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न कारणों से लम्बित भर्तियों को भी पारदर्शिता के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि जल्द ही भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने का प्रयास होगा। श्री शर्मा ने विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेजों में ई-स्मार्ट कक्षाएं शुरू कराने की कार्ययोजना के लिए सराहना की। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 100 दिवसीय कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, वृद्धावस्था विशेषज्ञ इकाई, मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सकों की स्थिति, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, आयुष्मान भव के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, जनजातीय नागरिकों की सिकल सैल एनीमिया स्क्रीनिंग और काउंसलिंग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम, आयुष्मान शहरी स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों, पीएम भारतीय जन औषधि केंद्रों, खाद्य कारोबारियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय से सम्बंधित प्रशिक्षण देने, खाद्य अनुज्ञा पत्र रजिस्ट्रेशन, जांच मशीनों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।