सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को वीर सावरकर पर अपमानजनक टिप्पणी से रोका, भविष्य में स्वतः संज्ञान की चेतावनी

सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी से परहेज करने की सख्त चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणियाँ की जाती हैं, तो वह स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती है।

सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या राहुल गांधी को यह ज्ञात है कि महात्मा गांधी ने भी ब्रिटिश सरकार को पत्रों में ‘आपका आज्ञाकारी सेवक’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। इस संदर्भ में, अदालत ने टिप्पणी की, “जिन्होंने हमें स्वतंत्रता दिलाई, उनके साथ आप ऐसा व्यवहार करते हैं?”

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यह मामला राहुल गांधी द्वारा वीर सावरकर को ‘ब्रिटिश का सेवक’ कहने से जुड़ा है, जिसके कारण लखनऊ और पुणे की अदालतों में उनके खिलाफ मानहानि के मामले दर्ज किए गए हैं। पुणे की अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट दी है, जबकि लखनऊ की अदालत ने उन्हें 10 जनवरी, 2025 को पेश होने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की यह चेतावनी राहुल गांधी के लिए एक गंभीर संकेत है कि स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अनादरपूर्ण टिप्पणियाँ सहन नहीं की जाएंगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसी बयानबाजी दोहराई गई, तो वह स्वतः संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई कर सकती है।

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